डेटा विश्लेषण क्या है? लागत एवं लाभ के प्रकार,तथा श्रेणियों क्या क्या हैं?

 नमस्कार दोस्तों आज आपको इस पोस्ट में  डेटा विश्लेषण क्या है? लागत एवं लाभ के प्रकार,तथा श्रेणियों क्या क्या हैं। (What is data analysis,Cost/Benifit Type and Categories) के बारे में पूरी जानकारी दी जायेगी। जिससे आपको डाटा विश्लेषण का पूरी और सटीक जानकारी प्राप्त कर पाओगे।  डाटा संग्रहण सिस्टम विश्लेषण का केवल एक अंग है डाटा परीक्षण, स्थिति का जायजा करना, विकल्पों का विचार करना तथा कैंडिडेट सिस्टम निर्धारित करना अगले कदम है प्रत्येक विकल्प की लागत तथा लाभ से हानियां की तुलना में किसी एक विकल्प को चयनित करने का मार्गदर्शन मिलता है। तो दोस्तो चलिए शुरू करते हैं-

डेटा विश्लेषण क्या है ? (What is data analysis) 

डेटा विश्लेषण लागत-लाभ विश्लेषण के लिए डेटा विश्लेषण आवश्यक है सिस्टम की जांच पड़ताल तथा डाटा संग्रहण वर्तमान उपलब्धियां का आकलन होता है

हमारी रुचि यह पता करने में है कि कैसे कुछ कदम पूरी कार्य कुशलता के साथ संपन्न किए जाते हैं,  कैसे वे वंचित लक्ष्य की प्राप्ति में मदद कर सकते हैं  तथा कैसे निर्माण की लागत सुधारी जा सकती है।

विश्लेषण से सिस्टम डिजाइन संबंधी आवश्यकताओं को पहचाना जाता है आवश्यक सुधार करने के लिए कैंडिडेट सिस्टम में इन फीचर को शामिल किया जाना चाहिए।

सिस्टम की आवश्यकता निम्नलिखित है

  1. बेहतर ग्राहक सेवा
  2. सूचना को फिर से प्राप्त करने की तीव्र गति 
  3. नोटिस की त्वरित तैयारी 
  4. बिलिंग की बेहतर विशुदता 
  5. प्रोसेसिंग और ऑपरेटिंग में सुधार 
  6. स्टाफ की कार्य कुशलता में सुधार 
  7. त्रुटि हटाने के लिए ससंगत बिलिंग प्रक्रिया 


डिजाइन संबंधी इन उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए विभिन्न विकल्पों का पता करना होगा यदि साधारण का एक से अधिक विकल्प हो | एनालिसिस उनमें से केवल उनका चयन करता है
जो आर्थिक तकनीकी वह संचालन की दृष्टि से उपयुक्त होते हैं

चयन की यह विधि कंप्यूटरीकृत बिलिंग प्रणाली के परिचय, स्टाफ को प्रतिस्थापित करना, बिलिंग का सुधार हुआ कार्य,संचालन  प्रक्रिया में परिवर्तन या विभिन्न सब विकल्पों की समूह पर जो दे सकती है प्रत्येक विधि के अपने लाभ व नुकसान है।

 

लागत एवं लाभ के प्रकार (Type of Cost/Benifit)

लागत एवं लाभ मुख्यतः तीन प्रकार की होती है

  1. स्पर्शनीय और अस्पर्शनीय लागत व लाभ  (Tangible or Intangible Cost/Benifit)
  2. प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष लागत व लाभ (Direct and Indirect Cost/Benifit)
  3. स्थिर तथा अस्थिर लागत व लाभ (Fixed and Variable Cost/Benifit) 

 1. स्पर्शनीय और अस्पर्शनीय लागत व लाभ  (Tangible or Intangible Cost/Benifit)

  • किसी भी वस्तु का वह गुण है जिसकी सहायता से उसकी कीमत तथा लाभ का आसानी से पता लगाया जा
    सकता है
  • उदाहरण के लिए कंप्यूटर हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर खरीदने की कीमत, कर्मचारी का वेतन, व्यक्तियों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण में लगे कीमत आदि सिस्टम से संबंधित स्पर्शनीय लागत के उदाहरण है
  • इस प्रकार की लागत को संगठन के खातों में भी नहीं लिखा जा सकता है कुछ कीमतों को पहचान भी जा सकता है लेकिन आर्थिक मूल्य में उन्हें रिप्रेजेंट करना कठिन होता है
  • इस प्रकार की लागत को अस्पर्शनीय लागत कहते हैं उदाहरण के लिए नए सिस्टम में कुछ कमी के कारण इंडस्ट्री में संगठन की प्रतिष्ठा में कमी आदि
  • सूचना सिस्टम से मिलने वाले लाभ को भी स्पर्शनीय और अस्पर्शनीय वर्गो में बांटा जा सकता है लागत की तरह लाभ को भी कभी-कभी आर्थिक मूल्य में मापना कठिन होता है जैसे प्रबंधकीय निर्णय प्रणाली में सुधार, ग्राहक की बढ़ती संतुष्टि आदि
  • इसकी अतिरिक्त कुछ लाभ स्पर्शनीय होते हैं जिन्हें मापा जा सकता है जैसे – सूचना सिस्टम के विकास में डाटा प्रोसेसिंग की गति में तेजी, डाटा प्रोसेसिंग की लागत में कमी आना आदि
  • बहुत से संगठनों में ऐसा देखा गया है कि  प्रबंधक (Managment) स्पर्शनीय लागत तथा लाभों को अनदेखा कर देते हैं जो की पूर्णता गलत है क्योंकि स्पर्शनीय और अस्पर्शनीय लाभ/लागत की मात्रा लगभग समान ही होती है

 

2. प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष लागत व लाभ (Direct and Indirect Cost/Benifit)

  • प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष लागत व लाभ लागत लेखांकन की अनुसार किसी भी प्रोजेक्ट से दो तरह की लागत जुड़ी होती है।
  • प्रथम प्रत्यक्ष लागत यह वह होती है जिसका प्रोजेक्ट की ऑपरेशन से सीधा संबंध होता है अर्थात् वे सभी खर्चे जो कि सूचना सिस्टम को चलाने के लिए किए जाते हैं, वे प्रत्यक्ष लागत के अंतर्गत आते हैं
  • उदाहरण के लिए कंप्यूटर स्टेशनरी की खरीद कीमत, कंप्यूटर ऑपरेटर का वेतन आदि
  • ठीक इसी प्रकार से सूचना लाभ वे होते हैं जो सिस्टम की ऑपरेशन से हमें सीधे प्राप्त होते हैं उदाहरण के लिए कंप्यूटरीकृत सूचना  प्रणाली के कारण डाटा प्रोसेसिंग की कीमत में कमी से 25% अधिक डाटा की प्रोसेसिंग हो रही है आदि।
  • इसके विपरीत वे लागत जो की सिस्टम की ऑपरेशन से सीधी जुड़ी हुई नहीं होती है लेकिन सिस्टम को चला रखने के लिए खर्च की जाती हैं उसे  अप्रत्यक्ष लागत कहते हैं।
  • उदाहरण कंप्यूटर के रखरखाव पर किया गया खर्च, बीमा सुरक्षा के उपाय के लिए किया गया खर्च, एयर कंडीशनर आदि पर किए गए खर्च, सभी अप्रत्यक्ष लागत कहलाते हैं
  • इस प्रकार अप्रत्यक्ष लाभ वे होते हैं जो कि हमें सिस्टम की ऑपरेशन से उत्पादक के रूप में प्राप्त होते हैं उदाहरण के लिए एक कंप्यूटर एक सूचना सिस्टम बनाने में इंडस्ट्री में संगठन की छवी बढ़ती है
  • कंप्यूटरीकृत प्रणाली होने के कारण हम कम कर्मचारियों की आवश्यकता होती है।

 

3. स्थिर तथा अस्थिर लागत व लाभ (Fixed and Variable Cost/Benifit) 

  • स्थिर तथा अस्थिर लागत व लाभ सिस्टम से जुड़ी स्थिर लागत वह होती है जो कि अपरिवर्तित रहती है चाहे सूचना सिस्टम को भी कैसे भी चलाया जाए इसी एक समय लगने वाली कीमत भी कहते हैं
  • उदाहरण के लिए कंप्यूटर हार्डवेयर खरीदने की लागत, सूचना सिस्टम के प्रयोग के कारण होने वाला मूल्य हराश, फर्नीचर तथा बिजली की फिटिंग में होने वाली खर्च आदि
  • ठीक उसी प्रकार सूचना प्रणाली से एक ही बार में मिलने वाली लाभ स्थिर  लागत लाभ के अंतर्गत आते हैं
  • उदाहरण के लिए नई सूचनाप्रणाली से कर्मचारियों में होने वाली कमी का लाभ आदि
  • इसके विपरीत अस्थिर लागत सिस्टम की ऑपरेशन पर समय-समय पर परिवर्तित होती रहती है
  • उदाहरण के लिए डाटा प्रोसेसिंग की कीमत एक अस्थिर लागत है क्योंकि यह रिपोर्टर्स की संख्या तथा
    प्रोसेसिंग किए जाने वाले डाटा की संख्या पर निर्भर करता है
  • इसी प्रकार अस्थिर लाभ भी वे होते है जो की एक समय अंतराल तक मिलते  रहते हैं
  • उदाहरण के लिए नई सूचना सिस्टम से एक सूचना निकालने में 10 मिनट की बचत होती है यह लाभ अलग-अलग रिपोर्ट में अलग-अलग होता है।

 

लागत एवं लाभ की श्रेणी (Categories)

लागत एवं लाभ की श्रेणी (Categories) निम्नलिखित हैं-

  • हार्डवेयर लागत
  • कर्मचारियों की लागत
  • सुविधाओं की लागत
  • संचालन संबंधी लागत `
  • आपूर्ति लागत

 

 1. हार्डवेयर लागत –

इसका संबंध वास्तविक खरीद अथवा कंप्यूटर और अन्य पेरिफेरल की लीज पर आने वाली लागत से होता है हार्डवेयर की वास्तविक लागतनिकालना तब बहुत ही मुश्किल होता है

जब सिस्टम का कई यूजर उपयोग करते हैं इसकी तुलना में एक ही के लिए समर्पित सिस्टम की लागत निकलना आसान होता है

कुछ मामलों में इस लागत को नियंत्रित करने का सर्वश्रेष्ठ उपाय यह है कि इस संचालन में आने वाली लागत के रूप में लिया जाए।

 

2. कर्मचारियों की लागत –

इसमें EDP  स्टाफ के वेतनों व अन्य लाभों के साथ ही साथ सिस्टम के निर्माण में शामिल लोगों के वेतन पर भी विचार किया
जाता है
किसी सिस्टम के विकास के दौरान आने वाले लागत एक बार होने वाला व्यव है

और इन्हें विकासात्मक लागत कहा जाता है एक बार सिस्टम को स्थापित कर दिया जाए तो सिस्टम की संचालन और रखरखाव में आने वाला व्यय पुनः उत्पन्न लागत बन जाता है।

 

 3. सुविधाओं की लागत –

यह वह व्यय है जो एप्लीकेशन अथवा कंप्यूटर को संचालित करने के भौतिक स्थान पर सुविधा जताने में आता है इसमें वायरिंग, फ्लोरिंग, ध्वनि व्यवस्था, प्रकाश और बातानुकूल को शामिल किया जाता है

इन्हें एक बार आने वाली लाखों के रूप में लिया जाता है और कैंडिडेट सिस्टम के संपूर्ण लागत प्रकरण में जोड़ा जाता है।

 

4. संचालन संबंधी लागत –

इसमें वे  सारी लागते शामिल होती है जो सिस्टम के दिन प्रतिदिन की संचालन से जुड़ी होती हैं

यह राशि शिफ्ट की संख्या एप्लीकेशन की प्रकृति और संचालन करने वाले कर्मचारियों की क्षमता पर निर्भर होती है संचालन लागत को समाहित करने की कई मार्ग है

एक विधि इसे ऊपर खर्च के रूप में लेने की है एक अन्य तरीका प्रत्येक अधिकृत हो जाती उनके डाटा सिस्टम से किए गए
आग्रह पर प्रोसेसिंग का शुल्क लेने का है लिया गया शुल्क कंप्यूटर टाइम, स्टाफ टाइम और उत्पन्न आउटपुट की मात्रा पर आधारित होता है।

किसी भी प्रकरण में यह पता लगाने के लिए की संचालन संबंधी लागत को कैसे संभाला जाए इसके लिए थोड़ी बहुत अकाउंटिंग आवश्यक होती है।

 5. आपूर्ति लागत –

ये परिवर्तनशील लागते होती हैं जो पेपर, रिविन,डिस्क और ऐसी ही अन्य  चीजों के बढ़ती उपयोग के साथ वृद्धि करती हैं  इन्हे सिस्टम की संपूर्ण लागत में विचारित तथा प्रचलित किया जाना चाहिए

एक सिस्टम से प्राप्त होने की भी आशा रहती है

सबसे पहला कार्य प्रत्येक लाभ की पहचान करना होता है फिर ऐसे लागत/लाभ विश्लेषण के लिए मौद्रिक मूल्य दिया जाना चाहिए लागत लाभ स्पष्ट और अस्पष्ट प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष हो सकते हैं

प्रदर्शन की वृद्धि और प्रोसेसिंग की घाटी हुई लागत के दो प्रमुख लाभ हैं प्रदर्शन की श्रेणी में विशुदता में सुधार अथवा अधिकृत यूजर द्वारा सूचना के एक्सेस और सिस्टम की सरलतम एक्सिस पर जो दिया जाता है

प्रभावी सिस्टम एरर कंट्रोल अथवा स्टाफ में कमी करने से लगता में होने वाली कमी लाभ है जैसे लागत लाभ विश्लेषण में आकलन और विचारक किया जाना चाहिए।

FAQ

 

1. लागत एवं लाभ कितने प्रकार की होती है।
    
लागत एवं लाभ 03 प्रकार की होती है

 

2. नई सूचना सिस्टम से एक सूचना निकालने में कितने मिनट की बचत होती है?

   नई सूचना सिस्टम से एक सूचना निकालने में 10 मिनट की बचत होती है

 

3. लागत एवं लाभ की श्रेणी (Categories) कितनी है?
    लागत एवं लाभ की श्रेणी (Categories) 05 होती है
 
 
Conclusion (निष्कर्ष)
 

तो दोस्तों, आप डेटा विश्लेषण क्या है? लागत एवं लाभ के प्रकार,तथा श्रेणियों क्या क्या हैं। (What is data analysis,Cost/Benifit Type and Categories) के बारे में जान चुके है आशा है आपको मेरी ये पोस्ट हेल्पफुल लगी होगी आप इस पोस्ट के बारे कुछ भी जानकारी चाहते है तो आप comment करे और अपने दोस्तों के साथ शेयर करे 

 

 

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