इंटरनेट और ईमेल का परिचय (interoduction of internet and email inHindi)

नमस्कार दोस्तों आपका मेरे ब्लॉग पर स्वागत है आज आपको इस पोस्ट में इंटरनेट और ईमेल का परिचय (interoduction of internet and email) के बारे में जानकारी दूगा इंटरनेट के जनक या जन्मदाता (Vint cerf) को कहा जाता है। जो पूरी दुनिया पर राज कर रहा है इंटरनेट आज सभी की आमदानी का स्रोत बन गया है जिससे सारी दुनिया एक दूसरे से जुड़ी हुई है क्योकि आज के समय में सबसे ज्यादा काम इंटरनेट पर ही किये जाते है जैसे-जीमेल से मेसेज करना ,किसी फॉर्म को भरना या उसको download करना किसी भी प्रकार के प्रोग्राम को download करना बहत सारे काम इन्टनेट के द्वारा ही संभव है तो चलिए दोस्तों इंटरनेट और ईमेल के परिचय को विस्तार से जानते है –

 

इंटरनेट का परिचय (interoducation of internet)

  • ये एक वर्ल्ड व्यापी नेटवर्क है। इंटरनेट टेलीफोन लाइनें के माध्यम से विश्व भर के कंप्यूटर को जोड़कर बनाया गया एक नेटवर्क है
  • जिससे कंप्यूटर आप में सूचना का आदान प्रदान करता है। इसके द्वारा आप पत्र या फ़ाइल भी एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर को भेज सकते हैं।
  •  ये सूचना संसार का सबसे तेज महत्वपूर्ण और सस्ता साधन बन गया है। ये दुनिया की सबसे सक्षम सूचना प्रधान है। इंटरनेट का प्रारंभ सन 1969 में हुआ था। 

 

इंटरनेट हमें कौन-कौन सी सुविधा प्रदान करता है? 

इंटरनेट द्वारा हमें सभी सुबिधा प्रदान की जाति है इसके द्वारा हम दुनिया के किसी भी कोने में बैठे हुए किसी भी व्यक्ति से बात कर सकते हैं,

सूचना का आश्रय प्रदान कर सकता है। इंटरनेट हमें फैक्स की सुविधा भी प्रदान करता है।

इंटरनेट हमें निम्न सुविधा प्रदान करता है-

  1. ईमेल 
  2. इंटरनेट 
  3. इंटरनेट फैक्स
  4. समाचार
  5. Chat
  6. WWW 

 

इंटरनेट कैसे काम करता है?

  • इंटरनेट के माध्यम से हम कोई जानकारी देना चाहते हैं, या प्राप्त करना चाहते हैं तो, सूचना वह सबसे पहले कंप्यूटर के नजदीक उपस्थिथ सर्वर पर पहुचती है,
  • उसके बाद इंटरनेट पता के आधार पर उसे और पास के सर्वर को भेज दिया जाता है। यह  प्रक्रिया तब तक चलती रहती है,
  • जब तक की सूचना संबंध कंप्यूटर तक नहीं पहुंच जाए।

इंटरनेट के लिए जरूरी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर 

इंटरनेट को इस्तेमाल करने के लिए हमें बहुत जरूरी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की जरूरत पड़ती है जिसके बिना हम क्या दुनिया का कोई व्यक्ति इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं कर सकता है। 

हार्डवेयर

  • एक Pentium प्रोसेसर सहित कंप्यूटर जिस काम से कम 32 एम.बी. रेम होना चाहिए।
  • मोडेम की स्पीड 56.6 Bps होना चाहिए।
  • टेलीफोन लाइन भी बहुत जरूरी है।

 

सॉफ़्टवेयर 

  • ऑपरेटिंग सिस्टम (विंडोज़ 98 / विंडोज़ एक्सपी आदि)
  • इंटरनेट एक्सप्लोरर, एंटीवायरस सॉफ्टवेयर,
  • जो इंटरनेट की फाइलो में उपलब्ध वायरस को चेक करता है।

 

Email का परिचय (interoducation of E-mail)

Email का पूरा नाम एलेक्टोनिक मेल होता है ईमेल के द्वारा हम विश्व के किसी भी कौने में कंप्यूटर से जुड़े व्यक्ति से सन्देश ,मेसेज, docmument ,चित्र आदि का आदान प्रदान किया जाता है

इंटरनेट की सबसे बड़ी उपाय ई-मेल यानि की इलेक्ट्रॉनिक मेल है।

 

TCP IP Protocol (टी.सी.पी./आई.पी. प्रोटोकॉल) क्या है?

इंटरनेट संचार के लिए टी.सी.पी./आई.पी. प्रोटोकॉल का मुख्य उद्देश नेटवर्क पर काम कर रहे सभी कंप्यूटर को ध्यान में रखते हुए डेटा को जल्दी से जल्दी और छोटे से छोटे रूट में बंद  होने पर भी भेजना रूट बंद होने पर आपका कंप्यूटर बंद हो या टेलीफोन खराब हो।

टी.सी.पी./आई.पी. प्रोटोकॉल डाटा के संचालन पर पूर्ण नियंत्रण रखते हुए डाटा को सुरक्षित लक्ष्य तक पहुचाते है।

 टी.सी.पी./आई.पी. की लेयर

 ओ.एस.आई. (OSI) मॉडल की निम्न लेयर हाेती हैं जो इस प्रकार हैं।

  • फिजिकल लेयर
  • डाटा लिंक लेयर
  • नेटवर्क लेयर
  • ट्रांसपोर्ट लेयर
  • एप्लीकेशन लेयर
  • SMTP (Simple mail transfer protocol): इस प्रोटोकॉल की सहायता से ही इलेक्ट्रोनिक मेल (electronic-mail) एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर को पहुंचाई जाती है।
  • POP (Post office protocol): इस प्रोटोकॉल की सहायता से ही इलेक्ट्रोनिक मेल (electronic-mail) को डाउनलोड तथा अपलोड किया जाता है। यह एक क्लाइंट सर्वर प्रोटोकॉल है।
  • FTP (File transfer protocol): इंटरनेट पर एक कंप्यूटर से सूचना को दूसरे कंप्यूटर पर भेजने या कॉपी करने के लिए FTP (File transfer protocol) सर्विस प्रयोग में लाई जाती है। FTP (File transfer protocol) सर्विस के द्वारा आप किसी फाइल को आसानी के साथ अतिशीग्रता से जल्दी कॉपी कर सकते है।
  • HTTP (Hyper text transfer protocol): इसका उपयोग (world wide web) से डाटा एक्सेस करने में प्रयोग होता है। यह प्रोटोकॉल डाटा को साधारण टैक्स्ट और ऑडियो की अवस्था मैं हस्त्रांत्रित करता है।

 

इंटरनेट कनेक्शन बनाना 

विंडोज XP में दिए गए विकल्प Dial-Up- networking के द्वारा आप इंटरनेट का नया कनेक्शन बना सकतें है।
इस के लिए आपको कुछ स्टेप बाय टू स्टेप फॉलो करने पड़ेंगे।

  •  Start Button पर जाए और Programs पर क्लिक करके Accessories पर माउस द्वारा जाएंगे।
  • उसके बाद Communication को माउस द्वारा सेलेक्ट करें तथा उसमे दिए गए विकल्प में से Network Connection को माउस द्वारा चुनेंगे।
  • Network Connection को माउस द्वारा सेलेक्ट करने पर उसका डायलॉग बॉक्स ओपन हो जाएगा, जिसमे दिए गए Network Task में से Create a new Connection के आइकॉन पर माउस द्वारा क्लिक करके आप अपना connection बना सकते है।

 

यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर (URL) क्या है ?

  • इंटरनेट पर किसी भी सर्वर या सेवा के नाम को प्रदर्शित करने वाला पता URL कहलाता है।
  • इंटरनेट पर पाई जाने वाली सभी सूचनाओं का अपना अपना एड्रेस होता है।
  • URL वह एड्रेस होता है जो कि वेबसाइट और पेज की स्थिति के बारे मे बताता है।
  • इसमें पेज का शीर्ष, पेज के मुख्य शब्द कुछ संचिप्त रूप में दिए होते है।
  • URL में शब्दों, संख्याओं तथा विराम चिन्ह का प्रयोग होता है।
  • URL एक निकीवत मापक है, जो किसी सूचना को इंटरनेट पर प्रदर्शित करता है।

 

URL के कितने भाग होते है।

URL के 4 भाग होते है।

  1.   Method
  2.   Host Computer
  3.   Port
  4.   Path

 

 1. Method:

प्रथम भाग में प्रोटोकॉल का नाम होता है, जिसे प्रयोग में लाया जाएगा। जैसे कि HTTP (Hyper text transfer protocol)

 

 2. Host Computer:

 होस्ट कंप्यूटर पर सूचना स्थित होती है। वेब पेज  कंप्यूटर में स्थित होते है और www से   प्रारंभ होने वाले नाम कंप्यूटर द्वारा दिए जाते है।

 

 3. Port:

 URL द्वारा सर्वर के पोर्ट नंबर को रखा जाता है।

 

 4. Path:

 path फाइल का वह नाम है, जहां पर सूचना स्टोर होती है।

 

FAQ’S

1. ईमेल क्या काम करता है।

    ईमेल से सूचना को एक से दूसरे तक भेजा जाता है।

2. क्या इंटरनेट कनेक्शन बनाया जा सकता है।

    विंडोज XP में दिए गए विकल्प Dial-Up-networking के द्वारा आप इंटरनेट का नया कनेक्शन बना सकतें है।

3. इंटरनेट के लिए जरूरी क्या है।

    इन्टरनेट के लिए हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की जरूरत होती है।

4. मोडेम की स्पीड क्या होना चाहिए।

    मोडेम की स्पीड 56.6 Bps होना चाहिए।

 

Conclusion (निष्कर्ष):

आज पूरी दुनिया इन्टरनेट का यूज करती है और ईमेल का भी क्यो कि इस से ही ऑनलाइन काम इंटरनेट द्वारा ही पूरे होते है। इस पोस्ट में दी गई information इंटरनेट और ईमेल का परिचय (interoduction of internet and email) के संबंध में अगर आप कुछ भी जानना चाहते है तो आप कॉमेंट कर सकते है। मैं आप की हेल्प करूंगा। इसी तरह की जानकारी को पाने के लिए आप मेरे ब्लॉग को सर्च करे और अपने दोस्तों में शेयर करे।

 

 

 

 

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