इंटरनेट के जनक या जन्मदाता (Vint cerf) को कहा जाता है। जो पूरी दुनिया पर राज कर रहा है जिससे सारी दुनिया एक दूसरे से जुड़ी हुई है

जनक

– ये एक वर्ल्ड व्यापी नेटवर्क है। इंटरनेट टेलीफोन लाइनें के माध्यम से विश्व भर के कंप्यूटर को जोड़कर बनाया गया एक नेटवर्क है

इंटरनेट

इंटरनेट को इस्तेमाल करने के लिए हमें बहुत जरूरी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की जरूरत पड़ती है जिसके बिना हम क्या दुनिया का कोई व्यक्ति इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं कर सकता है।

इंटरनेट पर किसी भी सर्वर या सेवा के नाम को प्रदर्शित करने वाला पता URL  कहलाता है। URL वह एड्रेस होता है जो कि वेबसाइट और पेज की स्थिति के बारे मे बताता है।

होस्ट कंप्यूटर पर सूचना स्थित होती है। वेब पेज  कंप्यूटर में स्थित होते है और www से   प्रारंभ होने वाले नाम कंप्यूटर द्वारा दिए जाते है।

URL द्वारा सर्वर के पोर्ट नंबर को रखा जाता है।

Port:

Path:

path फाइल का वह नाम है, जहां पर सूचना स्टोर होती है।

प्रथम भाग में प्रोटोकॉल का नाम होता है, जिसे प्रयोग में लाया जाएगा। जैसे कि HTTP (Hyper text transfer protocol)

Method:

– URL में शब्दों, संख्याओं तथा विराम चिन्ह का प्रयोग होता है। – URL एक निकीवत मापक है, जो किसी सूचना को इंटरनेट पर प्रदर्शित करता है।

FTP (File transfer protocol) सर्विस के द्वारा आप किसी फाइल को आसानी के साथ अतिशीग्रता से जल्दी कॉपी कर सकते है।

HTTP (Hyper text transfer protocol): इसका उपयोग (world wide web) से डाटा एक्सेस करने में प्रयोग होता है।

इंटरनेट और ईमेल का परिचय (interoduction of internet and email)

इंटरनेट का प्रारंभ सन 1969 में हुआ था।